महिला पहलवान यौन शोषण केस में बृजभूषण सिंह बरी: बोले- होइहि सोइ जो राम रचि राखा; FIR होने के 3 साल बाद फैसला |
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भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों से जुड़े यौन शोषण मामले में दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी कर दिया। सुनवाई के दौरान पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व सचिव विनोद तोमर कोर्ट में मौजूद रहे।
फैसले के बाद बृजभूषण ने कहा-

जज ने कहा कि बृजभूषण और विनोद तोमर आप लोगों को बाइज्जत बरी किया जाता है। मैंने पहले कहा था कि अगर कोई आरोप साबित हो जाएगा तो मैं फांसी पर लटक जाऊंगा। मेरे लिए खुशी का दिन है।

यह मामला जनवरी 2023 में सामने आया था। तब विनेश फोगाट, साक्षी मलिक समेत कई महिला पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया था। बृजभूषण तब भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष थे। अप्रैल 2023 में FIR दर्ज की गई थी।
फैसले के बाद की 2 फोटोज…

फैसले के बाद बृजभूषण कोर्ट से बाहर आए। हाथ जोड़कर बोले- आज खुशी का दिन है।

मामले में 127 सुनवाई हुईं
2 जुलाई 2026 को दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। मामला जनवरी 2023 में सामने आया था। तब से लेकर अब तक कुल 1133 दिनों में 127 सुनवाई हुईं।
बृजभूषण 20 जुलाई 2023 से नियमित जमानत पर थे। 10 मई 2024 को अदालत ने दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के आधार पर आरोप तय किए थे, जिसके बाद ट्रायल शुरू हुआ था।
आगे क्या: महिला पहलवान हाईकोर्ट में अपील कर सकती हैं
कोर्ट से बरी का मतलब है कि कोर्ट में अभियुक्त के खिलाफ आरोप साबित नहीं पाए, इसलिए उसे सजा नहीं दी गई। इसका यह मतलब नहीं होता कि वह दोषमुक्त हो गया है।
पीड़ित महिला पहलवान इस मामले में हाईकोर्ट में अपील कर सकती हैं। इसके लिए 60 दिन के अंदर उन्हें हाईकोर्ट से विशेष अनुमति लेनी होती है। अनुमति मिलने पर वे याचिका दायर कर सकती हैं। सामान्य रूप से आवेदन और याचिका एकसाथ दायर कर दी जाती हैं।
नाबालिग पहलवान ने आरोप वापस ले लिए थे
मई 2023 में सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। 6 खिलाड़ियों ने शिकायत दर्ज कराई थी। एक नाबालिग पहलवान ने बाद में अपनी शिकायत वापस ले ली और बयान बदल दिया था। आरोप तय करने पर सुनवाई के दौरान बृजभूषण ने मामले को ‘झूठा और प्रेरित’ कहा था।

फैसले के बाद बृजभूषण बोले- होइहि सोइ जो राम रचि राखा
फैसले के बाद बृजभूषण जब अपने आवास पहुंचे तो समर्थकों ने उन पर फूल बरसाए। मीडिया के सवालों पर उन्होंने कहा- होइहि सोइ जो राम रचि राखा।
बेटे करण भूषण ने फेसबुक पर लिखा- साजिश हुई नाकाम, सत्य की हुई जीत। पिताजी बाइज्जत बरी हुए। सत्यमेव जयते! वहीं, WFI के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कहा- ‘बृजभूषण पर झूठे आरोप लगाए गए थे। कोर्ट ने उन्हें सम्मानपूर्वक बरी कर दिया है। इससे पूरे कुश्ती जगत में खुशी का माहौल है।’
पहलवानों के आंदोलन के दौरान क्या-क्या बड़े घटनाक्रम हुए?
पहला धरना (जनवरी 2023)
18 जनवरी 2023: विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया समेत पहलवानों ने जंतर-मंतर पर बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगाते हुए धरना शुरू किया। 20 जनवरी 2023: पहलवानों ने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) को शिकायत सौंपी। IOA ने मैरी कॉम की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई। 21 जनवरी 2023: खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से बैठक के बाद सरकार ने जांच का भरोसा दिया। पहलवानों ने पहला धरना समाप्त किया। खेल मंत्रालय ने WFI की गतिविधियों पर रोक लगाई।
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दूसरा धरना (अप्रैल–जून 2023)
23 अप्रैल 2023: जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होने और कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए पहलवान फिर जंतर-मंतर लौटे।
24 अप्रैल 2023: सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल, बृजभूषण के खिलाफ FIR की मांग।
28 अप्रैल 2023: सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस ने दो FIR दर्ज कीं।
28 मई 2023: नए संसद भवन की ओर मार्च की कोशिश; दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग कर पहलवानों को हिरासत में लिया और जंतर-मंतर का धरना खत्म कराया।

30 मई 2023: हरिद्वार में गंगा में मेडल बहाने पहुंचे; किसान नेता नरेश टिकैत के समझाने पर फैसला टला।
7 जून 2023: खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ करीब छह घंटे की बैठक के बाद पहलवानों ने आंदोलन स्थगित करने का ऐलान किया।







